संगीत नाटक अकादमी के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय कथक कार्यशाला का समापन
उज्जैन। नृत्यांतर संगीत कला संस्थान, उज्जैन द्वारा संगीत नाटक अकादमी के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय कथक नृत्य कार्यशाला का समापन 13 अक्टूबर को हुआ। नृत्यांतर संगीत कला संस्थान, फ्रीगंज में कार्यशाला का आयोजन 9 से 13 अक्टूबर तक किया गया।
कार्यशाला में कथक की बारीकियों, तकनीकी पक्षों एवं नृत्य की कलात्मक अभिव्यक्ति पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को कथक की शास्त्रीय परंपरा को समझने तथा अपनी नृत्य कला को और अधिक परिष्कृत करने का अवसर मिला। कार्यशाला का संचालन सुष्मिता पंवार ने किया, जो गुरु समीक्षा शर्मा की शिष्या, कथक केंद्र, नई दिल्ली की पूर्व छात्रा एवं दूरदर्शन की ग्रेडेड कलाकार हैं। उनके मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने कथक की विभिन्न तकनीकों एवं नृत्य प्रस्तुति से जुड़ी बारीकियों का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
नृत्यांतर संगीत कला संस्थान की निदेशक सुश्री हीना वासेन ने इस कार्यशाला को विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सीखने का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं शास्त्रीय नृत्य की परंपरा को आगे बढ़ाने तथा युवा कलाकारों को अनुभवी गुरुओं से सीखने का अवसर प्रदान करती है। संगीत नाटक अकादमी के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य कथक की शास्त्रीय विरासत को प्रोत्साहित करना तथा कलाकारों के कौशल और कलात्मक समझ को विकसित करना रहा।